उठके जब मेरा जनाज़ा जाएगा
है यक़ीं इतना के तू आ जाएगा

बह्र से मिलने अब आगे देखिए
दर्या जाएगा के सोता जाएगा

कर दो बस साबित के उल्फ़त है गुनाह
फिर तो उसका लुत्फ़ बढ़ता जाएगा

राम जाने क्या हुआ जी को मेरे
दर से तेरे ही आवारा जाएगा

आप ग़ाफ़िल जी लिखे जाओ अश्आर
होगा आगे जो भी देखा जाएगा

-‘ग़ाफ़िल’

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